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देवी – देवता
Sharad Purnima 2025: जब चाँद बरसाए अमृत, लक्ष्मी माँ करें कोजागरण
हिंदू पंचांग के अनुसार, अश्विन माह की पूर्णिमा तिथि को शरद पूर्णिमा कहा जाता है। यह वही पावन रात्रि है जब चंद्रमा अपनी सोलहों कलाओं से परिपूर्ण होकर पृथ्वी पर अमृत बरसाता है।
इसे कोजागरी पूर्णिमा, रास पूर्णिमा और कोजागरी लक्ष्मी पूजा भी…
🪔 कोजागरी पूर्णिमा: अमृतमयी रात जब लक्ष्मी माँ पूछती हैं — “कौन जाग रहा है?”
हिंदू पंचांग के अनुसार, आश्विन मास की पूर्णिमा तिथि को शरद पूर्णिमा कहा जाता है। यह वही रात है जब चंद्रमा सोलह कलाओं से पूर्ण होकर पृथ्वी पर अमृत बरसाता है और माँ लक्ष्मी स्वयं आकर अपने जाग्रत भक्तों को आशीर्वाद देती हैं।
इस रात को…
शरद पूर्णिमा 2025: चांदनी में छुपा मां लक्ष्मी का खजाना और कृष्ण की लीला का रहस्य
हिंदू पंचांग के अनुसार, शरद पूर्णिमा का दिन और रात वर्ष की सबसे शुभ और दिव्य तिथियों में से एक मानी जाती है। यह वही रात्रि है जब माता लक्ष्मी ने पृथ्वी पर प्रकट होकर अपने भक्तों को आशीर्वाद दिया और भगवान श्रीकृष्ण ने गोपियों के साथ महारास…
🌸 श्रीलक्ष्मी द्वादशनाम स्तोत्रम् : नवरात्रि में धन, आयु और ऐश्वर्य की दिव्य साधना 🌸
सनातन धर्म में माता लक्ष्मी को ऐश्वर्य, धन, सौभाग्य और समृद्धि की अधिष्ठात्री माना गया है। नवरात्र जैसे पावन दिनों में यदि उनकी स्तुति और उपासना की जाए, तो जीवन में धन की स्थिरता, सुख-शांति और वैभव का संचार होता है। इन्हीं स्तुतियों में से…
कूष्माण्डा देवी: ब्रह्माण्ड-जननी की आराधना और चतुर्थ नवरात्र का शास्त्रोक्त महत्व
देवी कूष्माण्डा का उत्पत्ति-रहस्य
आद्याशक्ति ने जब ब्रह्माण्ड को प्राण देने का संकल्प किया, तब अपने मृदु हास्य से उन्होंने सूर्य-मण्डल के मध्य निवास धारण किया। उसी क्षण समस्त ब्रह्माण्ड में जीवन-स्फुरण हुआ और वे “कूष्माण्डा” नाम से विख्यात…
दुर्गा सप्तशती के इस मंत्र से बनता है राज्य, वर्चस्व और समृद्धि का योग 🌺
जय माता दी 🙏🏻
सनातन धर्म में दुर्गा सप्तशती का स्थान अत्यंत उच्च है। इसे देवी महात्म्य भी कहा जाता है। शास्त्रों में वर्णित है कि इसकी महिमा इतनी प्रबल है कि यह भक्त की विपत्तियों को नष्ट कर, जीवन में वैभव, राज्य और प्रतिष्ठा प्रदान करती…
माँ चंद्रघंटा : नवरात्रि के तृतीय स्वरूप की वंदना
शारदीय नवरात्रि के तीसरे दिन माँ दुर्गा के तृतीय स्वरूप माँ चंद्रघंटा की उपासना का विशेष महत्व है। माँ चंद्रघंटा को शक्ति और वीरता की प्रतीक माना जाता है। इनके मस्तक पर अर्धचंद्र सुशोभित है और ये सिंह पर विराजमान रहती हैं। दस भुजाओं से…
माँ ब्रह्मचारिणी : नवरात्रि के द्वितीय स्वरूप की वंदना
शारदीय नवरात्रि का दूसरा दिन माँ दुर्गा के द्वितीय स्वरूप माँ ब्रह्मचारिणी को समर्पित है। तप, संयम और ज्ञान की अधिष्ठात्री माँ ब्रह्मचारिणी की उपासना से साधक को शांति, वैराग्य और दिव्य ऊर्जा प्राप्त होती है।
वंदना
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शारदीय नवरात्रि 2025 का दूसरा दिन: मां ब्रह्मचारिणी की पूजा विधि, महत्व और आरती
शारदीय नवरात्रि का आज दूसरा दिन है और इस दिन माँ दुर्गा के दूसरे स्वरूप मां ब्रह्मचारिणी की पूजा-अर्चना की जाती है। ब्रह्म का अर्थ है तपस्या और चारिणी का अर्थ है आचरण करने वाली। इस प्रकार, मां ब्रह्मचारिणी तप, संयम और साधना का प्रतीक स्वरूप…
🌺 नवरात्रि में कौन से अनुष्ठान करें? शास्त्रोक्त विधि और महत्व 🌺
नवरात्रि साधना, उपवास और माँ दुर्गा की पूजा का श्रेष्ठ काल है। आश्विन शुक्ल प्रतिपदा से महानवमी तक चलने वाले इन नौ दिनों को शक्ति की उपासना, आत्मसंयम और आध्यात्मिक उन्नति का पर्व माना गया है। शास्त्रों में कहा गया है—
"नवरात्रं तु यत्…