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सनातन

परंपराओं की ओर लौटें: थाली में भरें षड्‌रस का स्वाद, Ayurveda और पुराणों का गूढ़ रहस्य

आयुर्वेद और पुराणों में बताए गए षड्‌रस (छह स्वाद) का महत्व जानें। थाली में षड्‌रस को शामिल करने के 5 आसान उदाहरण और पाएं रोगमुक्त, संतुलित और लंबा जीवन

ताली बजाने के चमत्कारी फायदे: शास्त्र, आयुर्वेद और विज्ञान की साझा सच्चाई

.ताली बजाने के चमत्कारी फायदे केवल उत्सवों, भजनों या सत्संगों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि यह एक ऐसी प्राचीन स्वास्थ्य साधना है जिसे हमारे ऋषि-मुनियों ने हजारों वर्ष पहले समझ लिया था। आज आधुनिक विज्ञान भी उसी सत्य की पुष्टि कर रहा है जिसे…

माघ मेला 2026: पौष पूर्णिमा 3 जनवरी से तीर्थराज प्रयाग में  महापर्व का शुभारंभ

माघ मेला 2026 का शुभारंभ इस वर्ष पौष पूर्णिमा, 3 जनवरी 2026 (शनिवार) से तीर्थराज प्रयाग में हो रहा है। पौष पूर्णिमा के पावन स्नान के साथ ही माघ मास की शास्त्रोक्त साधनाओं का आरंभ माना जाता है। यही वह तिथि है, जब संगम तट पर कल्पवास प्रारंभ…

सफला एकादशी: कलयुग में भी कर्म–शुद्धि का मेरा सजीव विधान

श्रीहरि विष्णु का वचन: सफला एकादशी का मर्म मैं श्रीहरि विष्णु तुमसे कहता हूँ—सफला एकादशी केवल व्रत की तिथि नहीं, यह तुम्हारे कर्म और चेतना को पुनः धर्म–पथ पर स्थापित करने का अवसर है। मार्गशीर्ष मास के कृष्ण पक्ष में आने वाली यह एकादशी उस…

🔥 मंगल वृश्चिक में: जब आग भीतर सुलगती है — शक्ति बनाम बेचैनी का महाकाल शुरू!

⚠️ जब आग बाहर नहीं फूटती… कभी-कभी ब्रह्मांड शोर नहीं मचाता — वह मौन में अग्नि जलाता है। वृश्चिक राशि में मंगल का प्रवेश वैसा ही क्षण है — जब क्रोध, आवेग और शक्ति अब बाहर नहीं, बल्कि भीतर काम करने लगती है। यह काल तलवारों का युद्ध नहीं,…

🪔 कोजागरी पूर्णिमा: अमृतमयी रात जब लक्ष्मी माँ पूछती हैं — “कौन जाग रहा है?”

हिंदू पंचांग के अनुसार, आश्विन मास की पूर्णिमा तिथि को शरद पूर्णिमा कहा जाता है। यह वही रात है जब चंद्रमा सोलह कलाओं से पूर्ण होकर पृथ्वी पर अमृत बरसाता है और माँ लक्ष्मी स्वयं आकर अपने जाग्रत भक्तों को आशीर्वाद देती हैं। इस रात को…

शरद पूर्णिमा 2025: चांदनी में छुपा मां लक्ष्मी का खजाना और कृष्ण की लीला का रहस्य

हिंदू पंचांग के अनुसार, शरद पूर्णिमा का दिन और रात वर्ष की सबसे शुभ और दिव्य तिथियों में से एक मानी जाती है। यह वही रात्रि है जब माता लक्ष्मी ने पृथ्वी पर प्रकट होकर अपने भक्तों को आशीर्वाद दिया और भगवान श्रीकृष्ण ने गोपियों के साथ महारास…

दुर्गा सप्तशती के इस मंत्र से बनता है राज्य, वर्चस्व और समृद्धि का योग 🌺

जय माता दी 🙏🏻 सनातन धर्म में दुर्गा सप्तशती का स्थान अत्यंत उच्च है। इसे देवी महात्म्य भी कहा जाता है। शास्त्रों में वर्णित है कि इसकी महिमा इतनी प्रबल है कि यह भक्त की विपत्तियों को नष्ट कर, जीवन में वैभव, राज्य और प्रतिष्ठा प्रदान करती…

शारदीय नवरात्रि 2025 का दूसरा दिन: मां ब्रह्मचारिणी की पूजा विधि, महत्व और आरती

शारदीय नवरात्रि का आज दूसरा दिन है और इस दिन माँ दुर्गा के दूसरे स्वरूप मां ब्रह्मचारिणी की पूजा-अर्चना की जाती है। ब्रह्म का अर्थ है तपस्या और चारिणी का अर्थ है आचरण करने वाली। इस प्रकार, मां ब्रह्मचारिणी तप, संयम और साधना का प्रतीक स्वरूप…

नवरात्रि व्रत में जरूर करें इन पांच नियमों का पालन, मां दुर्गा की कृपा से मिलेगा मनोवांछित फल

शारदीय नवरात्रि 22 सितंबर से शुरू हो रहा है। नवरात्रि के नौ दिन देवी दुर्गा की आराधना और तपस्या के माने जाते हैं। यह पर्व सिर्फ उपवास करने तक सीमित नहीं है, बल्कि आत्मसंयम और साधना का महापर्व है। शास्त्रों में कहा गया है कि यदि नवरात्रि…