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देवी – देवता
Saraswati Puja Vedic Vidhi: 7 वैदिक रहस्य — वह पूजा जिसे ऋषि अपनाते थे
क्या हम असली सरस्वती पूजा भूल चुके हैं ?
मित्रों, आज बसंत पंचमी आते ही हम पीले वस्त्र धारण करते हैं, मूर्ति स्थापित करते हैं और पूजा पूर्ण मान लेते हैं।
परंतु वैदिक प्रश्न यह है— क्या यही सरस्वती पूजा Saraswati Puja Vedic Vidhi का मूल…
माघी गणेश जयंती का 1000 गुना रहस्य: माघ शुक्ल चतुर्थी पर श्री गणेश की उपासना क्यों तुरंत फल देती है?
भूमिका: माघी गणेश जयंती क्यों है सबसे विशेष?
माघी गणेश जयंती सनातन धर्म का एक अत्यंत महत्वपूर्ण पर्व है, जो हर वर्ष माघ मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को मनाया जाता है। शास्त्रों के अनुसार यही वह दिन है, जब भगवान श्री गणेश का पृथ्वी पर…
🌼 दिव्य शुरुआत: 1 पवित्र भजन से करें अपने दिन की शुरुआत, श्रीराम नाम से पाएँ चमत्कारिक शांति
क्यों दिन की शुरुआत श्रीराम नाम से होनी चाहिए
सनातन परंपरा में कहा गया है कि दिन की पहली स्मृति जैसी होती है, वैसा ही मन पूरे दिन बना रहता है।
यदि सुबह का आरंभ श्रीराम नाम (Shri Ram) से हो, तो विचार, कर्म और भाव—तीनों में संतुलन आता है।…
प्रकट नवरात्रि से 10 गुना अधिक फलदायी क्यों मानी जाती है गुप्त नवरात्रि (Gupt Navratri)
क्या है वह रहस्य जो इसे ‘गुप्त’ बनाता है?
सनातन परंपरा में कुछ साधनाएँ उत्सव नहीं, अंतर्मुखी साधना होती हैं। चैत्र और शारदीय नवरात्रि जहाँ समाज के साथ मनाई जाती हैं, वहीं गुप्त नवरात्रि (Gupt Navratri) साधक के भीतर घटित होने वाला अनुष्ठान…
बसंत पंचमी 2026: सिर्फ पीला रंग पहनना काफी नहीं! सरस्वती पूजा का वो ‘गुप्त नियम’ जो 99%…
जब सृष्टि ने पहली बार आवाज़ सुनी
क्या आपने कभी कल्पना की है कि यदि इस संसार में आवाज़ ही न होती तो जीवन कैसा होता?
न कोयल की कूक, न नदियों का कल-कल, न अपनों की पुकार—चारों ओर एक गहरा सन्नाटा।
बसंत पंचमी 2026 केवल ऋतु परिवर्तन का पर्व…
मौन, स्नान और दान का महासंयोग: मौनी अमावस्या क्यों कहलाती है सिद्धिदायिनी?
जब शब्द थमते हैं, तब देवता बोलते हैं
पुराणों में कहा गया है—
“यत्र मौनं, तत्र ब्रह्म।”
जिस दिन मनुष्य अपनी वाणी को विश्राम देता है, उसी दिन उसकी आत्मा बोलने लगती है।
मौनी अमावस्या केवल एक तिथि नहीं, बल्कि आत्मशुद्धि का द्वार है।…
श्री काशी विश्वनाथ मंदिर उत्तरकाशी: कलियुग की काशी में शिव की दिव्य उपस्थिति
यदापापस्य बाहुल्यं यवनकांतभुतलम्।
भविष्यति तदा विप्रनिवासं हिमवद्गिरो॥
— स्कन्दपुराण, केदारखण्ड
भावार्थ:
जब पृथ्वी पर पाप का बाहुल्य होगा और अधर्म बढ़ेगा, तब मेरा निवास हिमालय में होगा। अनादिकाल से हिमालय मेरा सिद्ध स्थान है। कलियुग में…
सकट चौथ व्रत आज क्यों है विशेष? जानिए कथाएं, विधि और चंद्र अर्घ्य
॥ ॐ श्री गणेशाय नमः ॥
हे प्रिय आत्मन्!
भारतीय संस्कृति व्रतों और त्योहारों की एक पवित्र, अविरल धारा है, जिसमें प्रत्येक व्रत जीवन को संतुलन, संयम और संस्कार प्रदान करता है। इन्हीं दिव्य परंपराओं में माघ मास का विशेष स्थान है। माघ मास की…
सकट चौथ व्रत आज: जानें चंद्र दर्शन और अर्घ्य का मुहूर्त, कथा व विधान
माघ माह की कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को आज सकट चौथ का पावन व्रत श्रद्धा और आस्था के साथ मनाया जा रहा है। यह व्रत विशेष रूप से संतान की दीर्घायु, सुख-समृद्धि तथा परिवार की खुशहाली के लिए किया जाता है। सनातन धर्म की परंपरा में सकट चौथ को…
सफला एकादशी: कलयुग में भी कर्म–शुद्धि का मेरा सजीव विधान
श्रीहरि विष्णु का वचन: सफला एकादशी का मर्म
मैं श्रीहरि विष्णु तुमसे कहता हूँ—सफला एकादशी केवल व्रत की तिथि नहीं, यह तुम्हारे कर्म और चेतना को पुनः धर्म–पथ पर स्थापित करने का अवसर है। मार्गशीर्ष मास के कृष्ण पक्ष में आने वाली यह एकादशी उस…