Budhaditya Yog 2025: सिंह राशि में सूर्य-बुध की युति से बन रहा शुभ योग, इन राशि वालों की चमकेगी किस्मत
ज्योतिष शास्त्र में ग्रह-योगों का बड़ा महत्व माना गया है। जब भी कोई शुभ ग्रह किसी अन्य शुभ ग्रह के साथ युति करता है, तो उसका प्रभाव व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक रूप से दिखाई देता है। इन्हीं में से एक है बुधादित्य योग।
बुधादित्य योग क्या है?
सूर्य को ग्रहों का राजा और आत्मा, आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता तथा मान-सम्मान का कारक माना जाता है। वहीं, बुध ग्रह को ग्रहों का राजकुमार कहा गया है और वह बुद्धि, वाणी, तर्कशक्ति, व्यापार और संचार का प्रतिनिधि ग्रह है।
जब भी सूर्य और बुध एक ही राशि में साथ आते हैं, तब बुधादित्य योग का निर्माण होता है। यह योग जातक के जीवन में ज्ञान, सफलता और आर्थिक उन्नति लेकर आता है।
2025 में बुधादित्य योग कब बनेगा?
ज्योतिष गणना के अनुसार, 30 अगस्त 2025 को शाम 4 बजकर 39 मिनट पर बुध ग्रह सिंह राशि में प्रवेश करेंगे। इस समय सूर्य पहले से ही सिंह राशि में स्थित होंगे।
इस प्रकार सूर्य और बुध की युति से एक शक्तिशाली बुधादित्य योग का निर्माण होगा। यह योग विशेष रूप से शिक्षा, व्यापार और करियर के क्षेत्र में लाभकारी रहेगा।
किन राशियों को मिलेगा लाभ?
1. सिंह राशि
स्वयं की राशि में बुधादित्य योग बनने से सिंह राशि के जातकों को मान-सम्मान और पद-प्रतिष्ठा की प्राप्ति होगी। नौकरीपेशा लोगों को पदोन्नति और नेतृत्व का अवसर मिल सकता है।
2. मिथुन राशि
मिथुन राशि के स्वामी बुध होने के कारण यह योग इनके लिए बेहद शुभ रहेगा। व्यापार में बड़ा लाभ, विदेश यात्रा और नए कॉन्ट्रैक्ट मिलने की संभावना है।
3. कन्या राशि
कन्या राशि के लिए यह समय शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता देने वाला रहेगा। छात्रों के लिए यह योग बेहद फलदायी सिद्ध होगा।
4. तुला राशि
तुला राशि के जातकों के लिए यह समय आर्थिक दृष्टि से शुभ रहेगा। रुके हुए धन की प्राप्ति होगी और साझेदारी में किए गए कार्य से लाभ होगा।
5. मकर राशि
मकर राशि वालों को करियर और नौकरी में तरक्की मिलेगी। वरिष्ठ अधिकारी आपके काम से प्रसन्न रहेंगे और नई जिम्मेदारियाँ मिलेंगी।
क्या करें बुधादित्य योग में?
- इस दिन भगवान सूर्य को अर्घ्य दें।
- बुध ग्रह के लिए हरे रंग की वस्तुएँ दान करें।
- “ॐ बुधाय नमः” और “ॐ सूर्याय नमः” मंत्र का जप करें।
- गणेश जी की पूजा करें, क्योंकि गणपति बुद्धि और ज्ञान के अधिष्ठाता हैं।
जानें सभी 12 राशियों पर प्रभाव
1. मेष राशि
मेष राशि के जातकों के लिए यह योग करियर में प्रगति लेकर आएगा। नौकरीपेशा लोगों को नए अवसर मिल सकते हैं। व्यापारियों को बड़े सौदे में लाभ होगा।
2. वृषभ राशि
वृषभ राशि वालों के लिए बुधादित्य योग परिवार और गृहस्थ जीवन में सुख-शांति लाएगा। घर-परिवार में शुभ कार्य होंगे। संतान पक्ष से खुशी मिलेगी।
3. मिथुन राशि
बुध आपकी राशि के स्वामी हैं, इसलिए यह योग आपके लिए बेहद शुभ रहेगा। व्यापार में विस्तार होगा, नई डील और अनुबंध मिलेंगे। विदेश यात्रा का योग भी बन रहा है।
4. कर्क राशि
कर्क राशि वालों को धन लाभ और मान-सम्मान की प्राप्ति होगी। अटके हुए कार्य पूरे होंगे। घर-परिवार में उत्सव का माहौल रहेगा।
5. सिंह राशि
सिंह राशि के जातकों की चमक इस समय सबसे अधिक होगी। आत्मविश्वास बढ़ेगा, नेतृत्व क्षमता निखरेगी और समाज में प्रतिष्ठा मिलेगी। उच्च पद प्राप्ति की संभावना प्रबल है।
6. कन्या राशि
कन्या राशि वालों के लिए यह योग शिक्षा, बुद्धि और प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता दिलाने वाला रहेगा। विद्यार्थियों और शोधकार्य करने वालों के लिए विशेष रूप से शुभ।
7. तुला राशि
तुला राशि के जातकों के लिए यह समय आर्थिक समृद्धि लेकर आएगा। साझेदारी में लाभ होगा। दांपत्य जीवन में सामंजस्य बनेगा।
8. वृश्चिक राशि
वृश्चिक राशि वालों को कार्यक्षेत्र में सफलता मिलेगी। उच्च अधिकारियों का सहयोग मिलेगा। जो लोग राजनीति या प्रशासनिक सेवा में हैं, उन्हें बड़ा पद मिल सकता है।
9. धनु राशि
धनु राशि वालों को शिक्षा, संतान और धर्म के क्षेत्र में लाभ मिलेगा। विदेश यात्रा और उच्च शिक्षा में सफलता मिलेगी। धार्मिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी।
10. मकर राशि
मकर राशि के लिए यह योग करियर में तरक्की देने वाला है। प्रमोशन और वेतनवृद्धि के योग हैं। कार्यक्षेत्र में आपकी प्रतिष्ठा बढ़ेगी।
11. कुंभ राशि
कुंभ राशि वालों के लिए यह योग दांपत्य जीवन और साझेदारी के लिए शुभ रहेगा। अविवाहित लोगों के विवाह के योग बन सकते हैं। वैवाहिक जीवन में सामंजस्य बढ़ेगा।
12. मीन राशि
मीन राशि वालों को इस योग का लाभ स्वास्थ्य और धन दोनों में मिलेगा। पुरानी बीमारियों से राहत मिलेगी। कार्यक्षेत्र में नए अवसर प्राप्त होंगे।
बुधादित्य योग में करने योग्य उपाय
- सुबह सूर्योदय के समय सूर्य को जल अर्पित करें।
- बुधवार को हरे वस्त्र, मूंग दाल या हरे फल का दान करें।
- गणेश जी और सूर्य देव की संयुक्त पूजा करें।
- “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” मंत्र का जप करें, यह बुध और सूर्य दोनों को प्रसन्न करता है।