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कथा – कहानी

🔱 एकादशियों में सर्वश्रेष्ठ – निर्जला एकादशी! जाने व्रत का पूरा शास्त्रोक्त विधान

सनातन धर्म में एकादशी व्रतों को अत्यंत महत्वपूर्ण माना गया है। भगवान श्रीहरि विष्णु की कृपा प्राप्त करने का यह सर्वोत्तम उपाय है। वर्षभर 24 से अधिक एकादशियाँ आती हैं, लेकिन ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष की एकादशी विशेष रूप से श्रेष्ठ मानी जाती है –…

मृत्युंजय प्रेम की गाथा: वट सावित्री व्रत और सत्यवान-सावित्री की कथा

आज है ज्येष्ठ कृष्ण अमावस्या – वह पावन तिथि, जब भारतीय स्त्रियाँ अपने पति की लंबी आयु, सौभाग्य और अखंड प्रेम के लिए ‘वट सावित्री व्रत’ करती हैं। यह केवल व्रत नहीं, बल्कि एक अमर गाथा का स्मरण है – एक ऐसी स्त्री की कथा, जिसने मृत्यु के देवता…

श्रीकृष्ण वाणी: जीवन को समझने की दिव्य दृष्टि

"जब कोई न हो तुम्हारे साथ – श्रीकृष्ण होंगे। जब कोई न समझे तुम्हारा मन – श्रीकृष्ण समझेंगे। जब जीवन का युद्ध कठिन हो – श्रीकृष्ण तुम्हारे सारथी बनेंगे।" "ऋषियों की अमरवाणी" पर आज से हम श्रीकृष्ण वाणी की श्रृंखला आरम्भ कर रहे हैं – एक…

अक्षय तृतीया – सनातन धर्म की वह स्वर्ण तिथि जो कभी क्षय नहीं होती

हिंदू पंचांग के अनुसार वैशाख मास की शुक्ल पक्ष की तृतीया को अक्षय तृतीया कहा जाता है। इसे ‘अक्तीज’ भी कहते हैं। यह तिथि स्वयं सिद्ध और पुण्यदायी मानी गई है, अर्थात इस दिन बिना किसी मुहूर्त के भी शुभ कार्य किए जा सकते हैं। यह त्रेतायुग के…

हनुमान चालीसा का चमत्कारी विज्ञान: दिव्यता, ज्योतिष और जीवन में लाभ

हनुमान चालीसा: एक दिव्य रहस्य और आध्यात्मिक शक्ति हनुमान चालीसा, महान संत गोस्वामी तुलसीदास द्वारा रचित एक दिव्य स्तोत्र है, जो भगवान हनुमान की महिमा का वर्णन करता है। चालीसा का अर्थ होता है चालीस, और इसमें कुल 40 चौपाइयाँ…

महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग – कालचक्र के अधिपति भगवान शिव का दिव्य धाम

कल हमने महाराष्ट्र स्थित घृष्णेश्वर ज्योतिर्लिंग के दर्शन किए थे, जो भक्त घृष्णा की अटूट श्रद्धा और भगवान शिव के अनुग्रह का प्रतीक है। अब हमारी द्वादश ज्योतिर्लिंग यात्रा आगे बढ़ रही है मध्यप्रदेश के उज्जैन स्थित महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग की…

घृष्णेश्वर ज्योतिर्लिंग – भक्तिपूर्ण प्रेम और त्याग की अमर गाथा

कल हमने नासिक स्थित त्र्यंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग के दर्शन किए थे, जहाँ भगवान शिव त्रिनेत्र स्वरूप में ब्रह्मा और विष्णु के साथ प्रतिष्ठित हैं। अब हमारी द्वादश ज्योतिर्लिंग यात्रा आगे बढ़ रही है महाराष्ट्र के औरंगाबाद जिले में स्थित घृष्णेश्वर…

एकमात्र ज्योतिर्लिंग है जहां भगवान शिव के साथ ब्रह्मा और विष्णु भी हैं प्रतिष्ठित

आज हमारी पवित्र ज्योतिर्लिंग यात्रा में अगला पड़ाव त्र्यंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग (महाराष्ट्र) है, जो भगवान शिव के त्रिनेत्र स्वरूप का प्रतीक है। चलिए, इस दिव्य धाम की कथा, महत्व और अद्भुत दर्शन का अनुभव करते हैं। हर हर महादेव! त्र्यंबकेश्वर…

नागेश्वर ज्योतिर्लिंग – द्वारका के प्रभु शिव का दिव्य धाम

कल हमने दक्षिण भारत के पवित्रतम तीर्थों में से एक रामेश्वरम ज्योतिर्लिंग की यात्रा की थी। वह स्थान, जहां प्रभु श्रीराम ने समुद्र तट पर शिवलिंग स्थापित कर भगवान शिव की पूजा की थी। यह यात्रा एक आध्यात्मिक ऊर्जा से भर देने वाली थी।…

जगन्नाथ पुरी में एकादशी उल्टी क्यों लटकी है?

जगन्नाथ पुरी धाम को श्रीकृष्ण का जीवंत धाम कहा जाता है, जहाँ भगवान स्वयं भक्तों के साथ लीलाएं करते हैं। इस पवित्र स्थान से अनेक अद्भुत घटनाएँ जुड़ी हुई हैं, जिनमें से एक है "एकादशी का उल्टा लटकना"। क्या आपने कभी सोचा है कि पुरी में एकादशी…