Browsing Category
वार – त्यौहार
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी 2025: तिथि को लेकर भ्रम, जानें सही व्रत और पूजा का समय
इस वर्ष भगवान श्रीकृष्ण का 5252वां जन्मोत्सव मनाया जाएगा, लेकिन तिथि को लेकर आम जनमानस में भ्रम की स्थिति है। परंपरा के अनुसार, अष्टमी तिथि और रोहिणी नक्षत्र का संयोग जन्माष्टमी के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। इस बार अष्टमी तिथि 15…
जन्माष्टमी विशेष:- राधा कृष्ण फोटो प्रतियोगिता में पुरस्कार जीतने का विशेष अवसर
जन्माष्टमी 2025: अपने नन्हे-मुन्नों को राधा-कृष्ण बनाइए और जीतिए शानदार इनाम!
जन्माष्टमी का त्योहार बस आने ही वाला है। यह भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव का पावन पर्व है, जिसे पूरा भारत बड़े ही उत्साह और उमंग के साथ…
कजरी तीज 2025: तिथि मुहूर्त, कथा महत्व और आज करें ये कारगर उपाय
श्रावण माह के समापन और भाद्रपद मास की शुरुआत के साथ आता है कजरी तीज का पावन पर्व, जिसे उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान और मध्यप्रदेश में बड़े श्रद्धाभाव से मनाया जाता है। हरियाली तीज के बाद आने वाली यह तीज, सुहागिन महिलाओं के लिए अत्यंत महत्व…
रक्षाबंधन 2025: भाई की कलाई पर बहन के प्रेम की डोर बांधने का शुभ मुहूर्त!
भाई-बहन का रिश्ता दुनिया के सबसे खास रिश्तों में से एक होता है — तकरार भरा, पर प्यार से लबरेज़। यही रिश्ता हर साल रक्षाबंधन पर और भी गहरा हो जाता है, जब बहनें अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांधकर उनके सुख, समृद्धि और लंबी उम्र की कामना करती…
गुरु पूर्णिमा पर शिव दीक्षा का दुर्लभ अवसर – घर बैठे बनाएं उन्हें अपना गुरु, पाएं सौभाग्य
"गुरुर्ब्रह्मा गुरुर्विष्णुः गुरुर्देवो महेश्वरः" – परंतु जब स्वयं महेश्वर ही आपके गुरु बन जाएं, तो यह सौभाग्य नहीं, दिव्य प्रसाद होता है। शिव केवल पूज्य नहीं हैं, वे ब्रह्मांडीय चेतना के ज्ञाता हैं। वे गुरु तत्व के मूर्त रूप हैं। इसीलिए आप…
🔱 एकादशियों में सर्वश्रेष्ठ – निर्जला एकादशी! जाने व्रत का पूरा शास्त्रोक्त विधान
सनातन धर्म में एकादशी व्रतों को अत्यंत महत्वपूर्ण माना गया है। भगवान श्रीहरि विष्णु की कृपा प्राप्त करने का यह सर्वोत्तम उपाय है। वर्षभर 24 से अधिक एकादशियाँ आती हैं, लेकिन ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष की एकादशी विशेष रूप से श्रेष्ठ मानी जाती है –…
मृत्युंजय प्रेम की गाथा: वट सावित्री व्रत और सत्यवान-सावित्री की कथा
आज है ज्येष्ठ कृष्ण अमावस्या – वह पावन तिथि, जब भारतीय स्त्रियाँ अपने पति की लंबी आयु, सौभाग्य और अखंड प्रेम के लिए ‘वट सावित्री व्रत’ करती हैं। यह केवल व्रत नहीं, बल्कि एक अमर गाथा का स्मरण है – एक ऐसी स्त्री की कथा, जिसने मृत्यु के देवता…
अक्षय तृतीया – सनातन धर्म की वह स्वर्ण तिथि जो कभी क्षय नहीं होती
हिंदू पंचांग के अनुसार वैशाख मास की शुक्ल पक्ष की तृतीया को अक्षय तृतीया कहा जाता है। इसे ‘अक्तीज’ भी कहते हैं। यह तिथि स्वयं सिद्ध और पुण्यदायी मानी गई है, अर्थात इस दिन बिना किसी मुहूर्त के भी शुभ कार्य किए जा सकते हैं। यह त्रेतायुग के…
महादेव की कृपा पाने का सरल और शक्तिशाली उपाय: सोमवार व्रत की शास्त्रोक्त महिमा
"सोमं सोमस्य यो दद्यात्, स सर्वं प्राप्नुयात्फलम्।
शिवव्रतेन सम्पूर्णं, जीवनं सुखमश्नुते।"
भारतीय सनातन परंपरा में सोमवार का दिन विशेष रूप से भगवान शिव को समर्पित माना गया है। इस दिन किया गया व्रत श्रद्धा, संयम और भक्ति का अद्भुत संगम है,…
हनुमान जन्मोत्सव विशेष – नासे रोग हरे सब पीरा, जपत निरंतर हनुमत बीरा।
🔱 प्राकट्य पर्व का दिव्य महात्म्य
"जयति जय जय हनुमान प्रभु,
दुःख-निकंदन मंगल मूर्ति।
रामदूत अञ्जनि सुत,
त्रैलोक्य-वंदित कीर्ति।"
चैत्र शुक्ल पूर्णिमा को जिस दिव्य शक्ति का प्राकट्य हुआ, वह केवल वानर रूपधारी परमभक्त ही…