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विशेष

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी 2025: तिथि को लेकर भ्रम, जानें सही व्रत और पूजा का समय

इस वर्ष भगवान श्रीकृष्ण का 5252वां जन्मोत्सव मनाया जाएगा, लेकिन तिथि को लेकर आम जनमानस में भ्रम की स्थिति है। परंपरा के अनुसार, अष्टमी तिथि और रोहिणी नक्षत्र का संयोग जन्माष्टमी के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। इस बार अष्टमी तिथि 15…

जन्माष्टमी विशेष:- राधा कृष्ण फोटो प्रतियोगिता में पुरस्कार जीतने का विशेष अवसर

जन्माष्टमी 2025: अपने नन्हे-मुन्नों को राधा-कृष्ण बनाइए और जीतिए शानदार इनाम! जन्माष्टमी का त्योहार बस आने ही वाला है। यह भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव का पावन पर्व है, जिसे पूरा भारत बड़े ही उत्साह और उमंग के साथ…

“इस मंत्र का जप करने वाले के साथ मैं सदैव रहता हूँ” – श्रीकृष्ण

"हे भक्त! जब-जब तुम मुझे सच्चे भाव से पुकारते हो, मैं तुम्हारे समीप होता हूँ। तुम्हारी सांसों में, तुम्हारे मन में, तुम्हारी हर धड़कन में…" मेरा वचन सनातन धर्म के पवित्र ग्रंथों में मैंने स्वयं यह वचन दिया है कि जो साधक एक विशेष…

गुरु पूर्णिमा पर शिव दीक्षा का दुर्लभ अवसर – घर बैठे बनाएं उन्हें अपना गुरु, पाएं सौभाग्य

"गुरुर्ब्रह्मा गुरुर्विष्णुः गुरुर्देवो महेश्वरः" – परंतु जब स्वयं महेश्वर ही आपके गुरु बन जाएं, तो यह सौभाग्य नहीं, दिव्य प्रसाद होता है। शिव केवल पूज्य नहीं हैं, वे ब्रह्मांडीय चेतना के ज्ञाता हैं। वे गुरु तत्व के मूर्त रूप हैं। इसीलिए आप…

श्री कुबेर चालीसा और आरती

🚩 (धन के देवता श्री कुबेर की स्तुति, पूजन और आराधना हेतु) ✍️ "ऋषियों की अमरवाणी"  🪔 श्री कुबेर चालीसा दोहा: जय-जय कुबेर कोटि धन, त्रिलोकपति तू धनी। भक्तन को दे दान धन, कर विश्वास वरणी॥ चालीसा: जय कुबेर जगत प्रसिद्धा, संपत्ति…

कलियुग में कुबेर साधना: धन, सौभाग्य और ऋणमुक्ति का दिव्य मार्ग

✍️ "ऋषियों की अमरवाणी"  🔱 कलियुग में तत्काल फल देने वाले कुछ ही आध्यात्मिक उपाय माने गए हैं, और उनमें कुबेर साधना सर्वोच्च मानी जाती है। कुबेर न केवल देवताओं के कोषाध्यक्ष हैं, बल्कि वह सम्पत्ति, ऐश्वर्य, व्यापार, सुख, संतान, ऋण…

मैं कहता हूँ – जो इन पंचदेवों की सेवा करे, मैं स्वयं उसका रथ हांकू!

"सेवा, सम्मान और कर्तव्य – यही है वह त्रिधारा जिससे निकलता है संतोष, और संतोष से मिलती है सिद्धि!" – भगवद्गीता उपदेश स्वरूप श्रीकृष्ण जब जीवन भटकने लगे, तो गीता को पकड़ो... कलियुग की इस आपाधापी में जब लक्ष्य धुंधले लगने लगें,…

मृत्युंजय प्रेम की गाथा: वट सावित्री व्रत और सत्यवान-सावित्री की कथा

आज है ज्येष्ठ कृष्ण अमावस्या – वह पावन तिथि, जब भारतीय स्त्रियाँ अपने पति की लंबी आयु, सौभाग्य और अखंड प्रेम के लिए ‘वट सावित्री व्रत’ करती हैं। यह केवल व्रत नहीं, बल्कि एक अमर गाथा का स्मरण है – एक ऐसी स्त्री की कथा, जिसने मृत्यु के देवता…

18 मई 2025 – जब राहु बदलेगा राह! आप नहीं रहेंगे वह व्यक्ति जो अभी हैं 

“राहु आया… और कालचक्र में हलचल मच गई।” 2025 की सबसे रहस्यमयी और खगोलीय दृष्टि से निर्णायक घटना होने जा रही है – 18 मई को राहु का राशि परिवर्तन (Transit)। लेकिन यह कोई साधारण गोचर नहीं, बल्कि एक ज्योतिषीय विस्फोट है, जिसके प्रभाव राजनीति,…

ये पांच दोष लाते हैं दरिद्रता… इसलिए नहीं ठहरती इनके पास लक्ष्म

मां लक्ष्मी केवल धन की देवी नहीं हैं, वे वैभव, ऐश्वर्य, सौंदर्य, शुभता और समग्र समृद्धि की अधिष्ठात्री हैं। हर मनुष्य उनके स्थायी वास की कामना करता है, परंतु गीता के अमर उपदेशों में भगवान श्रीकृष्ण ने स्पष्ट किया है कि लक्ष्मी वहां नहीं…