18 मई 2025 – जब राहु बदलेगा राह! आप नहीं रहेंगे वह व्यक्ति जो अभी हैं 

“राहु आया… और कालचक्र में हलचल मच गई।”
2025 की सबसे रहस्यमयी और खगोलीय दृष्टि से निर्णायक घटना होने जा रही है – 18 मई को राहु का राशि परिवर्तन (Transit)।
लेकिन यह कोई साधारण गोचर नहीं, बल्कि एक ज्योतिषीय विस्फोट है, जिसके प्रभाव राजनीति, तकनीक, युद्ध, महामारी, मानसिकता और यहां तक कि आपके सपनों तक को बदल सकते हैं!


राहु कौन है? और क्यों उसका ट्रांजिशन डराता है?

राहु को आमतौर पर एक “छाया ग्रह” कहा जाता है – न तो उसका कोई भौतिक शरीर है, न ही प्रकाश। लेकिन इसका प्रभाव इतना जबर्दस्त होता है कि राजाओं का राजपाठ छिन जाता है और भिखारी तख्त पर बैठ जाते हैं।

शास्त्र कहते हैं – “राहु भ्रम, मोह, छल और माया का स्वामी है।”
जहाँ यह जाता है, वहाँ असंतुलन, अराजकता और क्रांति की लहर छोड़ जाता है।


18 मई 2025 – क्या बदलेगा?

18 मई को राहु वृषभ राशि को छोड़कर मेष (या मिथुन/कुंभ, ज्योतिष पद्धति अनुसार) में प्रवेश करेगा।
लेकिन खास बात यह है कि यह गोचर:

  • शनि की दृष्टि में होगा,
  • गुरु के वक्री प्रभाव में,
  • और केतु से नवांश संबंध में।

यानि यह त्रिकोणीय टकरावशनि, राहु और केतु – मिलकर एक ऐसा ‘Shadow Triangle’ बना रहे हैं, जिससे विश्व पर गहरा मनोवैज्ञानिक, राजनीतिक और तकनीकी प्रभाव पड़ने वाला है।


राजनीतिक भूचाल और सत्ताओं का पलटाव

“राहु जब अग्नि तत्व में प्रवेश करता है, तो सत्ता में छल और क्रांति दोनों साथ आते हैं।”

  • दक्षिण एशिया में शासन-परिवर्तन की संभावनाएँ।
  • यूरोप में तकनीकी तानाशाही की नींव रखी जा सकती है।
  • भारत में विपक्ष का अप्रत्याशित उभार या गुप्त राजनीतिक गठजोड़ों का उदय।

क्या 2025 के अंत तक कई प्रमुख नेता राहु की चाल से मात खाएंगे?


जनता के लिए – यह शुभ है या अनिष्ट?

राशि अनुसार राहु का असर कुछ पर करियर में धमाका कर सकता है, कुछ को मानसिक विचलन और कानूनी उलझनों में डाल सकता है:

  • कन्या, मकर, वृषभ – अचानक आर्थिक लाभ, लेकिन रिश्तों में भ्रम।
  • मेष, तुला, कर्क – करियर में छलांग, पर व्यक्तिगत जीवन में असंतुलन।
  • धनु, वृश्चिक, मीन – ध्यान रखें! राहु यहाँ गहरे मनोविज्ञान और आंतरिक संघर्ष देगा।

चेतावनी: राहु का ‘डिजिटल चेहरा’

राहु आज के युग में इंटरनेट, AI, साइबर वॉर और अफवाहों का प्रतिनिधि है।
18 मई के बाद:

  • Deepfake और मानसिक भ्रम के हमले बढ़ेंगे।
  • AI से जुड़ी घटनाओं में विचित्र अप्रत्याशित दुर्घटनाएँ हो सकती हैं।
  • धार्मिक और वैचारिक युद्ध ऑनलाइन स्पेस में उफान पर होंगे।

राहु और विश्व युद्ध की आशंका

“जहाँ राहु है, वहाँ धुएं में छुपा बारूद होता है।”

इस ट्रांजिशन के बाद विश्व में गुप्त हथियारों, जैविक प्रयोगों और मानसिक नियंत्रण के उपकरणों का विकास तेजी से होगा।

क्या यही वो समय है जब ‘Mind-Hacking’ जैसे शब्द आम हो जाएंगे?


राहु का मानसिक प्रभाव: सपना या साइकोसिस?

  • नींद में डरावने सपने,
  • बिना वजह चिंता,
  • अजीबोगरीब आकृतियाँ दिखना,
  • और Déjà vu की घटनाओं में बढ़ोतरी – यह सब राहु की छाया से होगा।

ध्यान, मंत्र और मौन ही इससे रक्षा का एकमात्र उपाय हैं।


संकेत या साजिश?

राहु के इस गोचर के साथ ग्रहण, उल्का वर्षा और समुद्री हलचलों की संभावना बढ़ रही है।
क्या यह सिर्फ ब्रह्मांडीय संयोग है या किसी गुप्त शक्ति द्वारा पृथ्वी के साथ की जा रही छेड़छाड़?
कई ज्योतिषी मानते हैं कि राहु के जरिए ही कुछ अलौकिक सभ्यताएँ अपना प्रभाव छोड़ती हैं।


संभावित महामंत्र – राहु के प्रभाव को साधने के लिए:

“ॐ रां राहवे नमः” – प्रतिदिन 108 बार जाप करें
नीलम या गोमेध धारण करें (कुंडली देखकर)
सरसों का तेल दान और काले तिल का हवन करें


भविष्यवाणी

18 मई 2025 के बाद आप वही व्यक्ति नहीं रहेंगे जो आज हैं।
आपका विवेक, भय, लालसा और निर्णय – सब राहु के कोहरे से होकर गुजरेंगे।

क्या आप भ्रम के इस महासागर में खुद को पहचान पाएंगे, या राहु आपको अपने भ्रम-जाल में फंसा लेगा?